अवैध शिकार पर वन विभाग का शिकंजा, चीतल के मांस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार….

बिलासपुर– वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन्य प्राणियों के संरक्षण को लेकर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीतल के मांस के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र बिलासपुर एवं उड़नदस्ता बिलासपुर की संयुक्त टीम ने ग्राम मंजूर पहरी के दहाइत पारा में दबिश देकर आरोपियों के घर से चीतल का मांस बरामद किया।
वन विभाग के अनुसार यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पांडेय एवं वनमंडल अधिकारी नीरज के कड़े निर्देश, उप वनमंडलाधिकारी टी.आर. मरई के मार्गदर्शन तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी यशपाल वर्मा के नेतृत्व में की गई।

मुखबिर की सूचना पर दी गई दबिश…..
06 अक्टूबर 2026 को वन विभाग को सूचना मिली कि ग्राम मंजूर पहरी, दहाइत पारा में वन्यप्राणी के मांस को रखा गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी। तलाशी के दौरान आरोपियों के घर से वन्यप्राणी चीतल का मांस बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया अपराध
मामले में वन विभाग ने चैनसिंह पिता बुधवार सिंह गोंड, उम्र 40 वर्ष तथा राजकुमार पिता मोहर सिंह गोंड, उम्र 40 वर्ष, दोनों निवासी दहाइत पारा, ग्राम मंजूर पहरी, थाना सीपत, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने जप्त मांस को पकाकर खाने की तैयारी किए जाने की बात स्वीकार की।

वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई…..
वन विभाग ने इस मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 17769/11, दिनांक 06 अक्टूबर 2026 दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की न्यायालयीन कार्रवाई की जा रही है।
संयुक्त टीम की रही अहम भूमिका…..
कार्रवाई में उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू, वनक्षेत्रपाल शिव कुमार नाग, वनपाल लोकमणी त्रिपाठी, वनपाल संगीता तिर्की, वनपाल जॉन केनेडी, वनपाल सुनील कुमार जायसवाल तथा वन परिक्षेत्र बिलासपुर से परिक्षेत्र सहायक सीपत लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल, परिसर रक्षक मंजूरपहरी राजकुमार चेलकर और परिसर रक्षक कारीछापर राजा बघेल शामिल रहे।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार और वन्यप्राणियों के मांस के अवैध उपयोग के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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