दाहिर उपनगर में आरएसएस की संजीवनी प्रभात शाखा का भव्य पथ संचलन संपन्न….संघ की 101 वर्षों की यात्रा और राष्ट्रनिष्ठा पर हुई चर्चा …..

बिलासपुर–राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की संजीवनी प्रभात शाखा, दाहिर उपनगर द्वारा बुधवार को एक भव्य पथ संचलन एवं बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय चेतना, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ।

गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति….

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रांत संपर्क टोली के सदस्य डॉ. विनोद तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव थे, जबकि अध्यक्षता नगर सह संघचालक मुनेश्वर राम कौशिक ने की। अतिथियों की उपस्थिति ने स्वयंसेवकों में अभूतपूर्व ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।

पथ संचलन और बस्ती भ्रमण…..

कार्यक्रम का शुभारंभ लगभग 117 स्वयंसेवकों द्वारा निकाले गए आकर्षक पथ संचलन के साथ हुआ। पूर्ण गणवेश में सजे स्वयंसेवकों ने अनुशासनबद्ध तरीके से दाहिर उपनगर की बस्तियों का भ्रमण किया। जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर संचलन का स्वागत किया।

मुख्य वक्ता का पाथेय…..चट्टान की तरह अडिग रहा है स्वयंसेवक……

पथ संचलन के पश्चात आयोजित बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता नारायण नामदेव ने स्वयंसेवकों को अपना प्रेरणादायी पाथेय (मार्गदर्शन) दिया।

उन्होंने संघ की 101वीं वर्षगांठ के विशेष प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए स्थापना काल से लेकर आज तक स्वयंसेवकों की कार्यकुशलता, जीवटता, कर्मठता और सहनशीलता का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि संघ ने अपने इतिहास में कितनी ही कठिन और विपरीत परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन स्वयंसेवकों ने चट्टान की तरह अडिग रहकर, अपनी एकता, कर्मठता और संकल्प शक्ति के बल पर सेवा कार्य को निरंतर आगे बढ़ाया है।

श्री नामदेव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि संघ पर अतीत में तीन बार प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन जांच एजेंसियों को कभी भी संघ में कोई त्रुटि या कमी नहीं मिली। उन्होंने आह्वान किया, “हमें अपने संघ की रक्षा करने, उसे जीवंत रखने और राष्ट्र प्रेम की भावना से ओतप्रोत होकर यदि प्राण भी अर्पण करने पड़ें, तो स्वयंसेवक हमेशा समर्पित रहता है। इसी से हम राष्ट्र, धर्म, समाज और अपनी सच्ची रक्षा कर सकते हैं।”

शस्त्र पूजन और प्रार्थना के साथ समापन…..

कार्यक्रम के अंतिम चरण में पारंपरिक विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन का कार्य संपन्न हुआ। इसके पश्चात संघ की प्रार्थना के साथ इस गरिमामयी और प्रेरणादायी आयोजन का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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