
पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग…. छात्रों ने कुलपति को सौंपा 6 सूत्रीय ज्ञापन..
बिलासपुर- अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में DET-2026 Ph.D. प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की मांग को लेकर Ph.D. अभ्यर्थियों और छात्र प्रतिनिधियों ने कुलपति प्रो. एलपी पटेरिया से मुलाकात की.. छात्रों ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हुए प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न जानकारियां सार्वजनिक करने की मांग की.. छात्रों ने वर्गवार शोध सीटों और आरक्षण रोस्टर में स्पष्टता, दावा-आपत्तियों के निराकरण की विषयवार जानकारी तथा संशोधित उत्तर कुंजी विश्वविद्यालय के वेबपटल पर सार्वजनिक करने की मांग रखी। छात्रों का कहना है कि DET-2026 का परिणाम जारी होने के बाद प्राप्तांकों और आपत्तियों के निराकरण को लेकर अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति है। ऐसे में मान्य आपत्तियों, उनके निराकरण और उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव की जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है।

इसके अलावा Ph.D. प्रवेश से लेकर कोर्स वर्क, शोध कार्य, परीक्षा और परिणाम तक की पूर्व निर्धारित समय-सारणी जारी करने की मांग की गई है। Exempted Category और फेलोशिप प्राप्त छात्रों के लिए शैक्षणिक वर्ष में दो बार Ph.D. प्रवेश आयोजित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।छात्रों ने गाइड और को-गाइड निर्धारित करते समय UGC के प्रचलित मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा शोधार्थियों के हितों की सुरक्षा की मांग की। वहीं डिसक्वालीफाइड अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक नहीं करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। छात्रों का कहना है कि नाम सार्वजनिक होने से विद्यार्थियों पर अनावश्यक मानसिक तनाव पड़ सकता है। इसके स्थान पर केवल रोल नंबर और प्राप्तांक जारी किए जाने का सुझाव दिया गया।छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, कुलपति प्रो. एलपी पटेरिया ने मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने आरक्षण रोस्टर का पालन सुनिश्चित करने तथा दावा-आपत्तियों के निराकरण और संशोधित उत्तर कुंजी से जुड़ी जानकारी वेबपटल पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई का भरोसा दिलाया।छात्र नेता सूरज सिंह राजपूत ने कहा कि Ph.D. प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है, इसलिए इसमें पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। छात्रों ने प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी पुरानी जानकारियां विश्वविद्यालय की वेबसाइट से हटाए जाने के मामले में भी जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।



