
भीम आर्मी ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन…..शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत परीक्षा-भर्ती सुधार की उठाई 15 से अधिक प्रमुख मांगें…..
बिलासपुर-भीम आर्मी भारत एकता मिशन, बिलासपुर ने देशभर के छात्रों, युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के हितों को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधीश के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संगठन ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और हालिया छात्र आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ज्ञापन में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने।छात्र आंदोलन में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने और संसद में पेपर लीक व पुलिस कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की गई। साथ ही आंदोलन में शामिल छात्रों पर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की भी मांग उठाई गई।
भीम आर्मी ने शिक्षा माफिया और पेपर लीक गिरोहों के खिलाफ समयबद्ध एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग……
संगठन ने छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार, सादी वर्दी में मौजूद लोगों की पहचान सार्वजनिक करने, आंसू गैस के उपयोग, प्रदर्शन स्थल पर क्षतिग्रस्त वाहनों, कथित पत्थरों से भरे ट्रक और कीलों वाली लाठियों के इस्तेमाल की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की। साथ ही भविष्य में सभी पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की वर्दी पर स्पष्ट नेम प्लेट अनिवार्य करने की बात कही।
शिक्षा एवं भर्ती सुधार की प्रमुख मांगें……
ज्ञापन में NEET, JEE सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षित एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने, परीक्षा शुल्क समाप्त करने, परीक्षा केंद्र गृह या निकटवर्ती जिले में देने, नॉर्मलाइजेशन प्रणाली खत्म करने, सभी सरकारी विभागों में समयबद्ध भर्ती, वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी करने और सभी अभ्यर्थियों के अंक सार्वजनिक करने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
संगठन ने कहा कि शिक्षा, रोजगार और न्याय प्रत्येक युवा का संवैधानिक अधिकार है तथा सरकार को युवाओं के विश्वास को मजबूत करने के लिए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।



