दबंगई से टूटा हौसला……पुलिस की सुस्ती से हारा न्याय……तखतपुर में पिटाई और धमकी से खौफजदा युवक ने खाया जहर…..यादव समाज पहुंचा एसएसपी कार्यालय……

बिलासपुर–दबंग की बेखौफ गुंडागर्दी, बार-बार मिलती जान से मारने की धमकियां और थाने से न्याय न मिलने की हताशा… जब बर्दाश्त की हदें पार हो गईं, तो एक बेबस युवक ने खौफ के साए में जिंदगी की जंग हारकर जहरीला पदार्थ गटक लिया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सांवाडबरा का है, जहां दबंगई और पुलिस प्रशासन की ढिलाई ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।

गणेश पंडाल में मचाया उत्पात, सिर पर रॉड से वार का आरोप

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सांवाडबरा निवासी लालू यादव पर गांव के ही नानू उर्फ युगल जायसवाल ने अचानक हमला कर दिया। घटना बीते 17 सितंबर की है, जब गणेश पंडाल के पास आरोपी ने लालू के साथ सरेराह गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। उस वक्त बीच-बचाव कर बेबस मां अपने बेटे को बचाकर घर ले आई।

लेकिन आरोपी का खौफ यहीं नहीं थमा। अगले ही दिन 18 सितंबर की दोपहर करीब डेढ़ बजे, आरोपी ने गणेश पंडाल के पास लालू को फिर घेर लिया। आरोप है कि आरोपी ने लालू पर हाथ-मुक्कों से ताबड़तोड़ हमला किया और लोहे की रॉड से सीधे सिर पर वार करने की कोशिश की। मां ने अपनी जान पर खेलकर फिर बेटे को बचाया, लेकिन इस हिंसा में युवक के चेहरे और गाल पर गहरे चोट के निशान आ गए।

साहब बेटा खौफ में था… जब पुलिस ने फेरा मुंह,तो जिंदगी से हारा युवक……

घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लेकर थाने के चक्कर काटता रहा, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस की ओर से ठोस और कड़ा कदम नहीं उठाया गया। आरोपी खुलेआम घूमकर जान से मारने की धमकियां देता रहा। दबंग का खौफ और पुलिस की अनदेखी ने लालू को इस कदर तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए जहर का सेवन कर लिया। फिलहाल जिंदगी और मौत से जूझ रहे युवक को देख परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इंसाफ के लिए सड़क पर उतरा यादव समाज

मंगलवार को इस घटना से आक्रोशित यादव समाज के दर्जनों लोग बिलासपुर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस थाने की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा। यादव समाज ने आरोपी नानू जायसवाल के खिलाफ जानलेवा हमले और प्रताड़ना का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच व कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

बड़ा सवाल…..

आखिर क्यों हर बार पीड़ित के कदम उठाने के बाद ही पुलिस प्रशासन की नींद खुलती है? अगर तखतपुर पुलिस ने वक्त रहते कार्रवाई की होती, तो आज एक युवक अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की भीख न मांग रहा होता।

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