
मूसलाधार बारिश के बीच जिला प्रशासन एवं नगर निगम देर रात से रहे मुस्तैद….. आधी रात से शुरू हुआ राहत एवं बचाव अभियान,जल निकासी, रेस्क्यू और सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी….. कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने स्वयं संभाली कमान…..प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया गया भोजन….1700 फूड पैकेट का वितरण…..
बिलासपुर–शहर में देर रात से लगातार हो रही मूसलाधार एवं अत्यधिक वर्षा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अचानक हुई भारी बारिश से शहर के निचले समेत अनेक इलाके, कॉलोनियां, मोहल्ले, सड़कें एवं गलियां जलमग्न हो गईं। कई स्थानों पर लोगों के घरों में पानी भर गया, जिससे नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने आधी रात से ही राहत एवं बचाव अभियान प्रारंभ कर दिया। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर प्रशासन, नगर निगम, एसडीआरएफ तथा अन्य विभागों की संयुक्त टीमें तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं और युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया गया।

नगर निगम की टीमों ने जेसीबी, जेट सक्शन, पंपिंग मशीनों एवं अन्य संसाधनों की सहायता से जल निकासी का कार्य पूरे दिन लगातार जारी रखा। जहां-जहां पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ था, वहां तत्काल निकासी मार्ग बनाकर जलभराव कम करने के प्रयास किए गए। शहर के चौबे कॉलोनी, बंधवापारा, खमतराई, बहतराई, सिरगिट्टी, जोरापारा,विजयापुरम कॉलोनी,मंगला,सकरी,श्रीकांत वर्मा मार्ग व्यापार विहार,कुदुदण्ड,तोरवा,तारबाहर,तिफरा,नेहरू नगर,सहित अनेक प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य संचालित किए गए।

जिन क्षेत्रों में पानी का स्तर अधिक होने के कारण लोग अपने घरों में फंस गए थे, वहां एसडीआरएफ नगर निगम की टीमों ने बोट एवं ट्रैक्टर की सहायता से रेस्क्यू अभियान चलाया। सैकड़ों नागरिकों, महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रेस्क्यू किए गए लोगों को सामुदायिक भवनों, शासकीय विद्यालयों एवं अन्य सुरक्षित स्थलों पर ठहराने के साथ उनके भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की गई।दोनों अधिकारियों ने सभी विभागों को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहकर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन एवं नगर निगम की संयुक्त टीमें लगातार फील्ड में मौजूद हैं और स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। जहां भी आवश्यकता पड़ रही है, वहां तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।जिला प्रशासन एवं नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि अत्यधिक वर्षा के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन अथवा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करें।

नगर निगम ने प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया भोजन..
भारी वर्षा के कारण जिन परिवारों के घरों में भोजन बनाना संभव नहीं था, उनकी परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल राहत पहुंचाई। निगम की टीमों द्वारा विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 1700 फूड पैकेट वितरित किए गए, जिससे प्रभावित परिवारों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा सका।
बरसते पानी में छाता लेकर निकलें कलेक्टर और निगम कमिश्नर…..
इस दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे स्वयं बारिश के बीच छाता लेकर विभिन्न जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करते रहे,साथ में एसएसपी रजनेश सिंह और जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल,होमगार्ड के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट दीपांशु श्रीवास्तव भी रहें । उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, जल निकासी, सफाई व्यवस्था एवं रेस्क्यू अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रभावित व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
भारी बारिश में जारी रही सफाई…..
भारी बारिश के बावजूद नगर निगम की सफाई व्यवस्था कहीं भी नहीं रुकी। नगर निगम के सफाई मित्र, स्वास्थ्य विभाग एवं जोन कार्यालयों की टीमें लगातार मैदान में डटी रहीं। वर्षा के बीच भी मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों एवं जलभराव वाले इलाकों में कचरा हटाने, नालियों एवं नालों की सफाई, अवरुद्ध जल निकासी मार्गों को खोलने तथा पानी उतरते ही तत्काल सफाई कार्य प्रारंभ कर दिया गया। निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बारिश चाहे जितनी भी हो, शहर की सफाई व्यवस्था बाधित नहीं होनी चाहिए। इसी का परिणाम रहा कि राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ सफाई व्यवस्था भी निरंतर जारी रही।



