
पथराव मामले में दोनों पक्षों के उपद्रवी के खिलाफ मामला हुआ कायम….कलेक्टर एसएसपी का फ्लैग मार्च…. स्थिति नियंत्रण में…..संवेदनशील इलाके सहित मुख्य मार्ग में पुलिस जवान तैनात….. संभागायुक्त और आईजी पहुंचे थाना कोतवाली…..उपद्रवी की धरपकड़ के लिए अलग अलग टीम की दबिश जारी…..
बिलासपुर–शुक्रवार की रात को सोशल मीडिया में वायरल पोस्ट के बाद दो पक्षों के बीच हुए विवाद को सांप्रदायिक रंग से रंगने वाले उपद्रवियों के खिलाफ सिटी कोतवाली पुलिस ने अलग अलग गंभीर धाराओं में दोनों पक्षों के खिलाफ नाम जद मामला कायम कर लिया गया है।दरअसल सोशल मीडिया में पोस्ट को लेकर हुए विवाद में दोनों पक्षों के तरफ से कानून व्यवस्था को बिगाड़ते हुए जमकर पत्थरबाजी कर पूरे माहौल को गरमा दिया था।घटना के बाद बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह मौके पर पहुंचकर हालात को काबू करने सफल हुए।जिसके बाद पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लेकर जगह जगह पुलिस जवानो की तैनाती कर दुबारा ऐसी घटना की पुनरावृति न हो इसके लिए सभी को हाई अलर्ट कर दिया गया।
फ्लैग मार्च… सुरक्षा….भरोसा……कानून व्यवस्था….
हालत को पूरी तरह काबू में करने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से सभी संवेदनशील इलाकों में मार्च कर आम जन मानस को पूरी तरह से आश्वस्त करते हुए भरोसा दिलाया और प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि शुक्रवार रात की हिंसक झड़प के बाद शनिवार सुबह पुलिस ने सड़क पर अपनी मौजूदगी से यह बतलाया कि फ्लैग मार्च के जरिए सभी सुरक्षित है।किसी भी तरह का कोई डर नहीं है। एसएसपी ने साफ किया कि शहर की शांति बिगाड़ने वाले को बक्शा नहीं जाएगा।कानून व्यवस्था पूरी तरह से बनी हुई है।
संभागायुक्त और आईजी भी पहुंचे कोतवाली
मामले की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को संभागायुक्त सुनील जैन और आईजी रामगोपाल गर्ग भी कोतवाली थाने पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। घटनाक्रम कैसे शुरू हुआ, अब तक क्या कार्रवाई हुई और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं- इन सभी बिंदुओं की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह भी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
पथराव में पुलिसकर्मी घायल…..
हिंसा के दौरान पुलिस पर भी पथराव किया गया। पत्थरों की चपेट में तारबाहर थाना प्रभारी रविशंकर तिवारी भी आ गए। उनके सिर में पत्थर लगने से चोट आई और सिर फट गया। इसके अलावा करीब आधा दर्जन आरक्षकों को भी चोटें आई हैं। अचानक हुए पथराव से मौके पर स्थिति संभालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की कार्रवाई और तेज कर दी।
उपद्रवी की धरपकड़ तेज…..
इस मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ मामला कायम कर लिया गया।जिसके बाद लगभग पचास से अधिक उपद्रवी की पहचान हुई है।इसमें दोनों तरफ के उपद्रवी शामिल है।वीडियो फुटेज के आधार पर भी उपद्रवी की पहचान की जा रही है।जिनकी पहचान और नाम सामने आए है उनके यहां अलग अलग पुलिस टीम इनको पकड़ने के लिए दबिश देना शुरू कर दी।जानकारी के अनुसार अभी कुछ उपद्रवियों की धरपकड़ कर उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।फिलहाल अभी तक पुलिस तरफ से कोई आधिकारिक बयान या इनकी गिरफ्तारी को लेकर किसी तरह जानकारी पुलिस विभाग ने जारी नहीं किया है।




