
साइबर जागरूकता.….. साइबर ठगी से बचने बिलासपुर पुलिस का सीधा संवाद… संदिग्ध ऐप और लिंक से सावधान रहने की अपील…..आईजी रामगोपाल गर्ग ने छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों की शंकाओं का किया समाधान….
बिलासपुर–मोबाइल और इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं, लेकिन यही सुविधा साइबर ठगों के लिए भी बड़ा हथियार बन गई है। कभी फर्जी लिंक तो कभी APK फाइल और संदिग्ध एप्लीकेशन के जरिए लोगों के मोबाइल तक पहुंच बनाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे ही साइबर अपराधों से बचाव को लेकर बिलासपुर में पुलिस ने लोगों से सीधे संवाद किया और ठगी के नए तरीकों को लेकर सावधान किया।

लाल बहादुर शास्त्री सभागार में हुए साइबर जागरूकता संवाद में बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग, एसपी रजनेश सिंह समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, बैंक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि पुलिस अधिकारियों ने सिर्फ जानकारी देने के बजाय लोगों के सवाल सुने और साइबर ठगी से जुड़े अनुभवों पर भी चर्चा की।कार्यक्रम में मोबाइल पर आने वाले अनजान लिंक, फर्जी कॉल और APK फाइलों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों से संदिग्ध एप्लीकेशन डाउनलोड करा सकते हैं और इसके जरिए मोबाइल की संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस ने साफ कहा कि अनजान स्रोत से कोई भी एप्लीकेशन डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है।साइबर जागरूकता संवाद में कुछ पीड़ितों ने अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी के अनुभव भी साझा किए। इसके जरिए लोगों को बताया गया कि ठग किस तरह भरोसा जीतकर या डर का माहौल बनाकर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते हैं। पुलिस ने अपील की कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या एप्लीकेशन पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें और OTP, पासवर्ड तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है।
आईजी रामगोपाल गर्ग ने आम नागरिकों से किसी भी डिजिटल लेन-देन से पहले पूरी जानकारी जांचने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की।
साइबर अपराधों के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर का यह संवाद कार्यक्रम भी लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की पहल का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, एएसपी सिटी पंकज कुमार पटेल, यातायात पुलिस के अधिकारी, राजपत्रित अधिकारी, पुलिसकर्मी, छात्र-छात्राएं और शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



