
सराफा कारोबार को मिली नई उड़ान….. कमल सोनी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ में बनेगा देश का चौथा सबसे बड़ा जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क…..
रायपुर–छत्तीसगढ़ के सराफा व्यापार, स्वर्णकारी कला और आभूषण उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। राज्य शासन ने रायपुर के पंडरी स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में 10 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क स्थापित करने की मंजूरी प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश के सराफा उद्योग के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है।
इस उपलब्धि के पीछे छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन द्वारा वर्षों से किए जा रहे सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में एसोसिएशन लगातार सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से उठाती रही। अब मंजूरी मिलने के साथ ही प्रदेश के हजारों व्यापारियों, कारीगरों और युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुल गए हैं।
प्रस्तावित पार्क केवल व्यापारिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि यहां आभूषण निर्माण, कटिंग-पॉलिशिंग, रिफाइनिंग, डिज़ाइनिंग, थोक व्यापार, आधुनिक शोरूम, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वर्णकारी कौशल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) द्वारा परियोजना को मूर्त रूप देने के लिए आरएफपी और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। परियोजना पूरी होने पर यह देश के सबसे बड़े जेम्स एंड ज्वेलरी पार्कों में शामिल होगी तथा छत्तीसगढ़ को रत्न एवं आभूषण उद्योग के मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाएगी।
मंजूरी की जानकारी मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन तथा सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सराफा समाज की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार कर एक दूरदर्शी निर्णय लिया है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में पूरे प्रदेश को मिलेगा।
सोमवार को छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्री तथा रायपुर सांसद से मुलाकात कर उनका अभिनंदन एवं धन्यवाद ज्ञापित करेगा।
कमल सोनी ने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार, निवेश, कौशल विकास और स्थानीय उद्योगों को नई दिशा देने वाली पहल है। इससे हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख सराफा एवं ज्वेलरी कारोबार केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना सकेगा।



