महाप्रभु रथ पर सवार….मौसी मां मंदिर के लिए निकली भव्य रथयात्रा…..महाप्रभु जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब…श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत.. पुरी की तर्ज पर निकली भव्य रथयात्रा….भक्तों में दिखा उत्साह… रथ को खींचने के लिए लगी भक्तों की लंबी कतार…….

बिलासपुर– रेलवे क्षेत्र स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। महाप्रभु अपने दिव्य रथ पर सवार होकर नौ दिवसीय प्रवास के लिए मौसी मां मंदिर रवाना हुए। रथयात्रा में शामिल होने और रथ की रस्सी खींचने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी:- ओडिशा के पुरी की तर्ज पर आयोजित इस भव्य रथयात्रा का शहरवासियों को पूरे साल इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान के रथ की रस्सी खींचने और रथ का स्पर्श करने मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए।दोपहर करीब 3 बजे पारंपरिक ‘छेरा पहरा’ रस्म के साथ रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। इस वर्ष एसईसीएल के निदेशक रमेशचंद्र महापात्र ने राजा के स्वरूप में यह परंपरा निभाई। उन्होंने भगवान के रथ के सामने झाड़ू लगाकर पूजा-अर्चना की और स्वयं को प्रभु का सेवक होने का संदेश दिया। इसके बाद रथ को खींचकर यात्रा की शुरुआत की गई।- महाप्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मौसी मां यानी गुंडिचा मंदिर के लिए रवाना हुए, जहां वे सात दिनों तक प्रवास करेंगे। इसके बाद 24 जुलाई को पुनः श्री मंदिर लौटेंगे। इस दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। रथयात्रा के दौरान जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा और श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी।

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