चेतना अभियान के तहत जनजागरूकता आधारित लघु फिल्मों का हुआ विमोचन…

बिलासपुर–पुलिस द्वारा संचालित “चेतना अभियान” के अंतर्गत जनजागरूकता पर आधारित तीन महत्वपूर्ण लघु फिल्मों का भव्य विमोचन चेतना भवन, पुलिस ग्राउंड, बिलासपुर में किया गया। इन फिल्मों का उद्देश्य समाज, और विशेषकर युवाओं को समसामयिक सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में लिव-इन रिलेशनशिप, यातायात जागरूकता एवं साइबर क्राइम जागरूकता पर आधारित लघु फिल्मों का अनावरण किया गया।

लिव-इन रिलेशनशिप पर आधारित फिल्म का उद्देश्य युवाओं को यह संदेश देना है कि किसी भी रिश्ते में प्रवेश करने से पहले उसके सामाजिक, कानूनी एवं भावनात्मक पहलुओं को अच्छी तरह समझना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

यातायात जागरूकता पर आधारित फिल्म के माध्यम से युवाओं को सड़क पर स्टंट करने जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों से दूर रहने का संदेश दिया गया। फिल्म में बताया गया कि स्टंट करना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह स्वयं एवं अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

वहीं साइबर क्राइम जागरूकता फिल्म में स्कूली विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों के विभिन्न प्रकारों तथा उनसे बचाव के उपायों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। फिल्म के माध्यम से बताया गया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड एवं डिजिटल ठगी जैसी घटनाएं किसी भी व्यक्ति की वर्षों की जमा पूंजी को पलभर में समाप्त कर सकती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान सभी फिल्मों से जुड़े कलाकारों एवं तकनीकी टीम का बिलासपुर पुलिस द्वारा सम्मान किया गया। सम्मानित होने वालों में फिल्म निर्देशक डॉ. राहुल पारीक, असिस्टेंट डायरेक्टर आकांक्षा सिंह राठौड़, किशन यादव, श्रावणी नायडू, अशोक उपाध्याय, शत्रुघ्न जसवानी तथा मेकअप आर्टिस्ट दीपांशी घोष प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनीश सिंह आईपीएस रहे। इस अवसर पर डॉ. विनोद तिवारी, लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. अंकुल ठकराल, जेके कॉलेज के सेक्रेटरी डॉ. इरशाद खान, डायरेक्टर डॉ. आशीष सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह एवं रामगोपाल करियारे सहित अनेक गणमान्य अतिथि, पुलिस अधिकारी, शिक्षाविद्, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित रहे। मंच संचालन उमा शंकर पांडेय सेवानिवृत्त उप निरीक्षक ने किया।

कार्यक्रम के अंत में बिलासपुर पुलिस ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु जनजागरूकता आधारित फिल्मों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे रचनात्मक प्रयास लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करते हैं। चेतना अभियान के माध्यम से भविष्य में भी विभिन्न सामाजिक विषयों पर इसी प्रकार की जनहितकारी गतिविधियां आयोजित की जाती रहेंगी।

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