
डिलीवरी ऑपरेशन के बाद महिला के पेट में छूटा सिलाई के धागा…..हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप…. सीएचएमओ ने थमाया नोटिस…..
बिलासपुर–शहर के एक निजी अस्पताल पर चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बिजौर (बहतराई) निवासी एक महिला के डिलीवरी ऑपरेशन के दौरान उसके पेट में सिलाई के धागे छोड़ दिए जाने का आरोप पेंडलवार हॉस्पिटल पर लगा है। मामले की शिकायत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से की गई है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नर्सिंग होम एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बिजौर निवासी रेखा सूर्यवंशी को प्रसव के लिए 12 जून 2026 को पेंडलवार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका ऑपरेशन कर डिलीवरी कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऑपरेशन के दौरान अस्पताल प्रबंधन एवं संबंधित सर्जन की गंभीर लापरवाही के चलते महिला के पेट के भीतर सिलाई के धागे छोड़ दिए गए। ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार असहनीय पेट दर्द, उल्टी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि जब महिला को दोबारा पेंडलवार हॉस्पिटल ले जाया गया तो बिना किसी आवश्यक जांच के यह कहकर वापस भेज दिया गया कि कुछ दिनों में वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएगी और किसी प्रकार की चिंता की आवश्यकता नहीं है। लेकिन महिला की हालत लगातार बिगड़ती गई। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने महिला को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों ने आवश्यक जांच और स्कैन कराया, जिसमें कथित तौर पर महिला के पेट के भीतर चार से पांच सिलाई के धागे पाए गए। इसके बाद डॉक्टरों को दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा और पेट के अंदर छोड़े गए धागों को बाहर निकाला गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते सही उपचार नहीं मिलता तो महिला की जान को भी खतरा हो सकता था। इस पूरे मामले को लेकर एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की शुशांक मिश्रा एवं पीड़िता के पति शक्ति लाल सूर्यवंशी ने सीएमएचओ को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी डॉक्टर एवं अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने, पेंडलवार हॉस्पिटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित अथवा निरस्त करने तथा पीड़ित महिला को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था एवं संचालन की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएमएचओ ने जारी किया नोटिस, गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन से मांगा जवाब……
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि पेंडलवार नर्सिंग होम के खिलाफ एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है तथा गुरुवार को सीएमएचओ कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। यदि जांच में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि होती है तो नर्सिंग होम एक्ट के तहत नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



